Friday, 18 November 2016

oshoisyours

हेलो दोस्तों कैसे हो ? आज काफी टाइम बाद कुछ लिखने का मौका मिला।  दोस्तों में अच्छा लेखक तो हु नहीं।  और न ही कोई पंडित ग्यानी हाँ मगर ध्यान करके काफी कुछ जाना है यानी १०० में से १ परसेंट जाना है. तो आप सोचो क बाकी ९९ कितना होगा खेर आपका ज़्यादा टाइम नहीं लूंगा केवल ध्यान के बारे में कहूँगा। मेरे ब्लॉग में जो बाते लिखी है या वीडियो या इमेज है सब आपको इतर साइट पर भी मिलसकती है मगर इन सबको खोजने का मतलब क्या है ,कभी हमने सोचा मैं  बताता हु हम लोगो ने जानने की लालसा है के किस्से क्या होता है कैसे होता है मगर हम केवल पड़ लेते है मगर करके नहीं देखते  कुछ लोग देखते है तो फिर कुछ दिन में बंद करदेते है  के या कुछ होतो रहा नहीं है। और दुसरो को बताते है क ध्यान कर रहा हु तो वो हस्ते है क क्या ध्यान स्यान बाबा बनेगा क्या ये सब ओशो आसाराम निर्मल बाबा सब एक से है फिर आपका मैं भी इन बातो से ऊब जाता है आप ध्यान करना बंद करदेते है. खेर दोस्तों शयद आप नहीं जानते के ध्यान हमारे लिए कितना ज़रूरी है। तन मन और धन  सबके लिए।
१ तन : ध्यान करने से आपको किसी भी तरह की बिमारी नहीं हो सकती और अगर कोई बिमारी है तो भट जल्द ठीक  हो जाएगी
२ मन : अगर मन  ठीक रहेगा तो तन ठीक रहेगा
३. धन : और अगर ये दोनों ठीक रहेंगे तो आपका धन भी तो बचेगा न जो उलटी सीधी बीमारिया होजाती है वो आपको नै लगेगी तो बचा न आपका पैसा।  हार्ट अटैक , ब्रेन हेमरेज , डिप्रेशन और ना जाने क्या क्या डॉक्टर लाखो रुपया ले लेते है. तो ज़रूरी है अपना पैसा खराब करना।
मैं चाहता हु आप ध्यान से रिलेटेड सवाल करे जिससे में आप लोगो के जवाब दे सकु थोड़ा आप मुझसे जाने थोड़ा में भी आपसे सीखू। जो दोस्त मेरा ये ब्लॉग पड़ते है वो कृपा ध्यान रोज करे
अभी केवल इतना बाकी इसके आगे जल्दी लिखुँगा.

reference: https://oshoisyours.wordpress.com

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